बचपन….

बचपन में खिलोने का खजाना होता था फिर भी नए खरीदने होते थे हमें, रो- रोकर; थोड़ा खेलकर जी भर…

पर,क्या वो मर गया??

चावल की ढेर में मुझे कुछ चलता हुआ दिखा; ध्यान से देखा तो एक काले रंग का छोटा सा जीव…

तुम किसी के नहीं हो…..

 माॅऺ 💜 जन्म देती हैं तुम्हें, तुम भी तो बनोगे ना माॅऺ कभी जैसे हो तुम उनके लिए “सब कुछ”…